Meaning of

रुख़सत

rukhsat • رخصت

विदाई; प्रस्थान

farewell; departure

الوداع; روانگی

Arabic

वो दुल्हन बन के रुख़्सत हो गई है कहाँ तक कार का पीछा करोगे? — Zubair Ali Tabish
उस को रुख़्सत तो किया था मुझे मालूम न था सारा घर ले गया घर छोड़ के जाने वाला — Nida Fazli
आप क्या आए कि रुख़्सत सब अंधेरे हो गए इस क़दर घर में कभी भी रौशनी देखी न थी — Hakeem Nasir
इस क़दर था खटमलों का चारपाई में हुजूम वस्ल का दिल से मिरे अरमान रुख़्सत हो गया — Akbar Allahabadi
तेरा रुख़सत होना अब भी बाक़ी है तेरी ख़ुशबू परछाईं से आती है — Gopesh "Tanha"
रेल की सीटी में कैसे हिज्र की तम्हीद थी उस को रुख़्सत कर के घर लौटे तो अंदाज़ा हुआ — Parveen Shakir
वक़्त-ए-रुख़्सत आब-दीदा आप क्यूँँ हैं जिस्म से तो जाँ हमारी जा रही है — Azm Shakri
मैं ने चाहा भी कि फिर इस संग-दिल पे फूल उगे पर तुम्हारी रुख़्सती के बा'द ये होता नहीं — Siddharth Saaz
एक लम्हा लौट कर आया नहीं ये बरस भी राएगाँ रुख़्सत हुआ — Inam Nadeem

रुख़्सत विदाई का वह क्षण है जो कोमल होते हुए भी गहरा होता है। कविता में, यह विदाई की मिठास और कड़वाहट को दर्शाता है, जहाँ दिल के लिए छोड़ना और थामे रहना दोनों ही कठिन होते हैं।

कवि अक्सर 'रुख़्सत' का उपयोग अलगाव और लालसा के विषयों को खोजने के लिए करते हैं। यह यात्रा के अंत या एक नए अध्याय की शुरुआत का प्रतीक हो सकता है। यह शब्द स्मृति और आशा से भरा होता है।

रुख़्सत वह शब्द है जो दुःख और आशा के बीच के नाजुक संतुलन को पकड़ता है, विदाई के मानव अनुभव का प्रमाण।