Meaning of

रूह-ओ-जाँ

rooh-o-jaan • روح و جاں

आत्मा और जीवन; सार और अस्तित्व

soul and life; essence and existence

روح اور جان; جوہر اور وجود

Persian

शख़्स जो रहता है हर पल मिरी रूह-ओ-जाँ में बद-नसीबी कि उसे मैं ने छुआ तक भी नहीं — Naresh sogarwal 'premi'

‘रूह-ओ-जाँ’ वाक्यांश आत्मा और जीवन के सार के बीच गहरे संबंध की भावना को जागृत करता है। कविता में, यह अक्सर व्यक्ति की आंतरिक आत्मा और उनके अस्तित्व के बीच अविभाज्य बंधन का प्रतीक होता है, जो अस्तित्व की गहन एकता को उजागर करता है।

कवियों द्वारा 'रूह-ओ-जाँ' का उपयोग प्रेम और संबंध की गहराई को व्यक्त करने के लिए किया जाता है। यह अक्सर जीवन के सार, आत्मा की यात्रा, या प्रेमियों के बीच गहन एकता की खोज करने वाले छंदों में दिखाई देता है।

काव्यिक क्षेत्र में, 'रूह-ओ-जाँ' आत्मा और जीवन के शाश्वत नृत्य का प्रमाण बन जाता है।