Meaning of

रोग़

rog • روغ

बीमारी; रोग; व्याधि

disease; ailment; affliction

بیماری; مرض; عارضہ

Sanskrit

क्या कहूँ तुम से मैं कि क्या है इश्क़ जान का रोग है बला है इश्क़ — Meer Taqi Meer
मैं अपने लिए हद से बुरा सोच चुका हूँ तुम जो भी करोगे मुझे वो कम ही लगेगा — Vishnu virat
बहुत आसान है कहना, बुरा क्या है भला क्या है करोगे इश्क़ तब मालूम होगा, मसअला क्या है — Bhaskar Shukla
वो दुल्हन बन के रुख़्सत हो गई है कहाँ तक कार का पीछा करोगे? — Zubair Ali Tabish
तुम नहीं उतरोगी मैं उतरूँगा गहराई में पगड़ी बड़ी होती है दुपट्टे से लंबाई में — Muzdum Khan
मिले तो कुछ बात भी करोगे कि बस उसे देखते रहोगे — Shariq Kaifi
अब कह रहे हो मेरी ज़रूरत नहीं तुम्हें फिर क्या करोगे मेरी ज़रूरत अगर पड़ी — Abbas Tabish
ग़नीमत है नगर वालों लुटेरों से लुटे हो तुम हमें तो गांव में अक्सर, दरोगा लूट जाता है — Aalok Shrivastav

मूल रूप से 'रोग' का अर्थ है एक शारीरिक या मानसिक स्थिति जो असुविधा या पीड़ा का कारण बनती है। कविता में, यह शब्द अक्सर अपने शाब्दिक अर्थ से परे जाकर गहरी भावनात्मक या अस्तित्वगत पीड़ा को व्यक्त करता है, जो मानव स्थिति की नाजुकता को पकड़ता है।

'रोग' का उपयोग कवि प्रेम की यातना, आत्मा की अशांति, और जीवन के अपरिहार्य क्षय के विषयों की खोज के लिए करते हैं। यह स्वास्थ्य और जीवन शक्ति के शब्दों के विपरीत है, जो अस्तित्व की नाजुकता को उजागर करता है।

कविता के क्षेत्र में, 'रोग' आत्मा की छिपी हुई बीमारियों को प्रतिबिंबित करने वाला दर्पण बन जाता है। यह हमें स्वास्थ्य और पीड़ा के बीच के नाजुक संतुलन की याद दिलाता है।