Meaning of
रोज़–ए–हश्र
roz-e-hashr • روز حشر
Hindi
प्रलय का दिन; हिसाब का दिन
English
Day of Judgment; day of reckoning
Urdu
قیامت کا دن; حساب کا دن
Origin
Arabic
Nuance
यह वाक्यांश उस अंतिम दिन की ओर इशारा करता है जब सभी कर्मों का हिसाब होगा, सत्य और प्रकाश का समय। कविता में, यह अक्सर भ्रम के अंत और वास्तविकता के सामना का प्रतीक होता है।
Poetic Usage
अंतिम सत्य की गंभीरता को व्यक्त करने के लिए प्रयोग किया जाता है। सांसारिक चिंताओं के विपरीत। अंतिमता और नैतिक हिसाब का आभास कराता है।
Closing Insight
रोज़-ए-हश्र हमें उन अपरिहार्य सत्यों की याद दिलाता है जिनका हमें सामना करना है। यह आत्मनिरीक्षण और नैतिक स्पष्टता का काव्यात्मक आह्वान है।