Meaning of

रोज़-ए-महशर

roz-e-mahshar • روز محشر

प्रलय का दिन; न्याय का दिन

day of judgment; apocalypse

قیامت کا دن; یوم حساب

Arabic

ख़ुदा से रू-बा-रू होना हैं रोज़-ए-महशर में ये बात सोच लो तुम मुझ पा ज़ुल्म ढाते हुए — Shajar Abbas
बराबर मक़बरे के दफ़्न हो कर क्या भला होगा कि उस से सामना जब रोज़-ए-महशर ही तिरा होगा — Kabiir

'रोज़-ए-महशर' प्रलय के दिन की गहन और गंभीर छवि प्रस्तुत करता है। कविता में, यह अक्सर अंतिम न्याय या युग के अंत का प्रतीक होता है, एक सत्य का क्षण जहाँ सब कुछ प्रकट होता है।

न्याय, रहस्योद्घाटन और अंतिमता के विषयों को व्यक्त करने के लिए उपयोग किया जाता है। यह व्यक्तिगत लेखा-जोखा या सामाजिक उथल-पुथल को दर्शा सकता है। अक्सर ब्रह्मांडीय घटनाओं की छवियों के साथ जोड़ा जाता है।

यह शब्द अंतिम सत्य की गंभीरता के साथ प्रतिध्वनित होता है। यह हमें अपने स्वयं के निर्णयों और अंत का सामना करने की चुनौती देता है।