Meaning of

लख़्त-ए-जिगर

lakht-e-jigar • لخت جگر

जिगर का टुकड़ा; प्रिय; अति प्रिय व्यक्ति

piece of liver; beloved; cherished one

جگر کا ٹکڑا; محبوب; عزیز

Persian

तब मुझे दर्द का एहसास बहुत होता है जब मेरी लख़्त-ए-जिगर आँख भिगो लेती है — SALIM RAZA REWA
ऐ शजर लख़्त-ए-जिगर नूर-ए-नज़र हर लम्हा शाद-ओ-आबाद रहो माँ ये दुआ देती है — Shajar Abbas
दूर हो जाती है दिन भर की थकन पल भर में जब मेरा लख़्त-ए-जिगर आ के लिपट जाता है — SALIM RAZA REWA

'लख़्त-ए-जिगर' का मूल अर्थ जिगर का टुकड़ा है, जो जीवन और जीवंतता का प्रतीक है। कविता में, इस शब्द का प्रयोग गहरे प्रेम और स्नेह को व्यक्त करने के लिए किया जाता है, जिससे प्रिय को अपने अस्तित्व का एक महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है।

'लख़्त-ए-जिगर' का उपयोग कवि प्रेम और लगाव की तीव्रता को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह प्रिय को अपने मांस के समान आवश्यक होने की छवि उत्पन्न करता है। अक्सर रोमांटिक कविता में भावना की गहराई को उजागर करने के लिए प्रयोग किया जाता है।

'लख़्त-ए-जिगर' प्रेम की अनिवार्यता का सार पकड़ता है। यह इस बात का प्रमाण है कि कोई किसी को कितनी गहराई से प्रिय मान सकता है।