Meaning of

लब-ओ-रुख़सार

lab-o-rukhsaar • لب و رخسار

होंठ और गाल; सुंदरता; आकर्षण

lips and cheeks; beauty; allure

ہونٹ اور رخسار; خوبصورتی; دلکشی

Persian

क्यूँ लिखूँ ज़ुल्फ़-ओ-लब-ओ-रुख़सार पे नग़्में बहुत प्यार की पहली नज़र रुस्वाइयाँ ही क्यूँ लिखूँ — nakul kumar
ख़फ़ा होकर मैं जाऊँ तो, बना कर वो लब-ओ-रुख़्सार मुझ को रोक लेता है — Vijay Anand Mahir

यह वाक्यांश प्रिय के चेहरे की कोमल सुंदरता को दर्शाता है, अक्सर होंठों और गालों की सादगी में पाए जाने वाले आकर्षण और मोहकता को उजागर करता है। कविता में, यह शारीरिक से परे जाकर उस भावनात्मक और आध्यात्मिक सुंदरता का सुझाव देता है जो दिल को मोहित करती है।

कवि अक्सर इस वाक्यांश का उपयोग प्रिय के चेहरे की जीवंत तस्वीर बनाने के लिए करते हैं। यह सुंदरता और इच्छा के लिए एक रूपक के रूप में कार्य करता है। होंठों की कोमलता और गालों की लाली के बीच का विरोधाभास मासूमियत और जुनून का प्रतीक हो सकता है।

कविता की दुनिया में, लब-ओ-रुख़सार सुंदरता और लालसा का एक शाश्वत प्रतीक बन जाता है।