
तेरे लब-ओ-रुख़्सार पर तो मरते होंगे लोग
जान लुटाने तक कि बातें गढ़ते होंगे लोग
हम करते है इश्क़ तुम्हारी सीरत से लेकिन
सूरत, ज़ुल्फ़ें, आँखें, काजल करते होंगे लोग
— Ravi 'VEER'
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