Ravi 'VEER'

Ravi 'VEER'

@Ravi_Sharma_VEER

Ravi 'VEER' shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Ravi 'VEER''s shayari and don't forget to save your favorite ones.

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Sher

अब तो कोई शाने पर ले जाए बस अब इस दिल पर बोझ उठाना मुश्किल है — Ravi 'VEER'
ख़्वाबों को देखने से मिला कुछ नहीं मुझे लेकिन शब-ए-ज़ुल्मत से गिला कुछ नहीं मुझे — Ravi 'VEER'
साढ़े दस पर वो अक्सर सो जाती है मैं बस चार बजे तक जागा रहता हूँ — Ravi 'VEER'
कितने आशिक़ ढेर हुए हैं आँखों पर उतने जितने शे'र हुए हैं आँखों पर — Ravi 'VEER'
शा'इरी ये हुस्न और ये इश्क़ की बातें जनाब इक समय तक ठीक है फिर छोड़ देनी चाहिए — Ravi 'VEER'
सितम ये है कि इक दफ़्तर के कम्प्यूटर में उलझी हैं मेरी ये उँगलियाँ जिन को किसी की ज़ुल्फ़ प्यारी थी — Ravi 'VEER'
पल भर सजा के ज़िन्दगी जिस ने उजाड़ दी दुल्हन की तरह आज सजाया गया उसे — Ravi 'VEER'
ऐब हज़ारों दिखते हैं मुझ को मेरी परछाई में या'नी शीशे से मिलता हूँ अक्सर मैं तन्हाई में — Ravi 'VEER'
कामकाजी हो गए हैं यार हम सो तेरा ग़म अब नहीं खलता हमें — Ravi 'VEER'
ज़मीं पर आप हो तो कौन चाहे बिना मतलब उड़ानें आसमाँ की — Ravi 'VEER'
खा गई ये वक़्त सारा दो पहर की नौकरी मन नहीं होता मगर ये नौकरी करनी भी है — Ravi 'VEER'
इस फ़रेबी से जहाँ में ढूँढ़ लो तुम भी कोई जो तुम्हारे आँसुओं को देख कर रोने लगे — Ravi 'VEER'
अब मुहब्बत की दुआ मत दीजिये जो हुआ इक हादसा काफ़ी रहा — Ravi 'VEER'
ख़ूब-सूरत पैरहन है ख़ूब-सूरत ये अदा और उस पर मुस्कुराहट जँच रही हो आज तुम — Ravi 'VEER'
तितलियों की थी ज़रूरत सो उसे रक्खा मगर वो बग़ीचे के सभी फूलों को पत्थर कर गया — Ravi 'VEER'

Ghazal

इत्तेफ़ाकन नाम तेरा सोच कर रोने लगे सोच कर अब तू नहीं है दर-ब-दर रोने लगे ठीक है नाराज़गी पर ये न हो जाए कहीं ग़ैर के शाने तुम्हारा हम-सफ़र रोने लगे आप क्यूँँ है यूँँ परेशाँ देख कर हम को यहाँ हम ही पागल जो यहाँ शाम-ओ-सहर रोने लगे इस फ़रेबी से जहाँ में ढूँढ़ लो तुम भी कोई जो तुम्हारे आँसुओं को देख-कर रोने लगे शाम होते ही परिंदे घर तो लौट आए मगर आशियाना खो गया तो फूट-कर रोने लगे सोच कर चुप हो गए हम एक घर अपना भी है किस तरह चल पाएगा वो, हम अगर रोने लगे मुस्कुरा कर कह रहे थे ठीक हो जाऊँगा मैं और फिर मुँह फेरकर वे चारा-गर रोने लगे लौट कर आए तो जाना वो यहाँ से जा चुकी जब सुनी हम ने गली में ये ख़बर, रोने लगे 'वीर' मुश्किल है यहाँ मिलना की ऐसा शख़्स जो तुम इधर रोने लगो तो वो उधर रोने लगे — Ravi 'VEER'