@Ravi_Sharma_VEER
Ravi 'VEER' shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Ravi 'VEER''s shayari and don't forget to save your favorite ones.
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तुम्हें भी देखना था दर्द मेरा
तुम्हें नज़रें मिलानी चाहिए थी
मिला कुछ भी नहीं इज्जत से हमको
हमें दौलत कमानी चाहिए थी
देखिए ये डिग्रियाँ दीवार पर
धूल की इन पर परत भी देखिए
देखिए सच देश के हालात का
और क्या इसमें ग़लत भी देखिए
मैं अकेला ही नहीं था इश्क़ में
जो लिखे उसने वो ख़त भी देखिए
काग़ज़ी है इश्क़ अब तो मानिए
काग़ज़ों पर दस्तख़त भी देखिए
सितम ये है कि इक दफ़्तर के कम्प्यूटर में उलझी हैं
मेरी ये उंगलियाँ जिनको किसी की ज़ुल्फ़ प्यारी थी
ऐब हज़ारों दिखते हैं मुझको मेरी परछाई में
यानी शीशे से मिलता हूँ अक्सर मैं तन्हाई में
कभी तुम्हारी अदाओं ने फिर कभी सदाओं ने मार डाला
कभी लबों पर फ़ना हुए हम कभी निगाहों ने मार डाला
मुझे यक़ीं था रहेंगे हरदम मेरे ही पहलू में यार मेरे
मगर हुआ यूँ कि मुश्किलों में अज़ीज़ यारों ने मार डाला