क्या कहेगा ये ज़माना, सोच मत
गर तुझे है दिल लगाना, सोच मत
राह में काँटे मिलेंगे हर तरफ़
गर तुझे है फूल पाना, सोच मत
कुछ यक़ीनन रूठ जाएंगे यहाँ
पर उन्हें कैसे मनाना, सोच मत
इश्क़ में बदनाम होना तो यहाँ
रस्म है इक जावेदाना, सोच मत
राब्ता होगा तेरा हर शख़्स से
कौन पागल कौन दाना, सोच मत
चाहता है तू उसे ये याद रख
कौन है उसका दीवाना, सोच मत
सोच अब कैसे तुझे पाना उसे
किस तरह उसको भुलाना, सोच मत
'वीर' गर चाहत है तुझको जिस्म की
बंद कर मिलना मिलाना, सोच मत
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