Meaning of

लाफ़

laaf • لاف

शेख़ी; डींग

boast; brag

شیخی; ڈینگ

Persian

हम अम्न चाहते हैं मगर ज़ुल्म के ख़िलाफ़ गर जंग लाज़मी है तो फिर जंग ही सही — Sahir Ludhianvi
ये नस्ल-ए-नौ तो हमीं से जवाज़ माँगेगी सो इख़्तिलाफ़ को हद से सिवा नहीं रखना — Zakia ghazal
गर मानते हैं आप भी मुझ को कसूरवार मेरे खिलाफ़ आप भी पत्थर उठाइए — Ashraf Ali
ये मिरी ग़ज़ल का मिज़ाज है कि वो क़ाफ़िए के ख़िलाफ़ है कभी रक़्स करती है अक्स पर अभी आईने के ख़िलाफ़ है — divya 'sabaa'
मैं आप अपनी मौत की तय्यारियों में हूँ मेरे ख़िलाफ़ आप की साज़िश फ़ुज़ूल है — Shahid Zaki
अपने ख़िलाफ़ फ़ैसला ख़ुद ही लिखा है आपने हाथ भी मल रहे हैं आप आप बहुत अजीब हैं — Pirzada Qasim
डाल भी करती रही वा'दा ख़िलाफ़ी पेड़ का पूरा भरोसा ख़ाक कर के — Abhay Mishra
ख़िलाफ़त बस यहीं तक है हुकूमत भी यहीं तक है पर इस के बा'द का क़िस्सा हुसैनी था हुसैनी है — Abdulla Asif

'लाफ़' मूल रूप से अपनी उपलब्धियों या गुणों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश करने की भावना को दर्शाता है। कविता में, यह अक्सर मानवीय प्रवृत्ति को दर्शाता है कि कैसे लोग अपनी अहमियत को बढ़ा-चढ़ाकर पेश करते हैं, कभी हास्यपूर्ण ढंग से, तो कभी आलोचनात्मक रूप से।

'लाफ़' का उपयोग कवि आत्ममुग्धता और आत्म-प्रवंचना के विषयों की खोज के लिए करते हैं। यह सामाजिक मानदंडों की आलोचना करने या गर्व की मूर्खता को उजागर करने का एक साधन हो सकता है।

कविता के क्षेत्र में, 'लाफ़' मानव स्थिति का एक दर्पण है, जहाँ गर्व अक्सर असुरक्षा को छुपाता है।