Meaning of

लिल्लाह

lillaah • للہ

भगवान के लिए; सच्चाई से

for God's sake; sincerely

خدا کے لئے; خلوص سے

Arabic

अल्लाह बना दे मिरे अश्कों को कबूतर
सब पूछ रहे हैं तिरे रूमाल में क्या है

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तेरी आँखों में जो इक क़तरा छुपा है, मैं हूँ
जिस ने छुप छुप के तेरा दर्द सहा है, मैं हूँ

एक पत्थर कि जिसे आँच न आई, तू है
एक आईना कि जो टूट चुका है, मैं हूँ

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अगर हुकूमत तुम्हारी तस्वीर छाप दे नोट पर मेरी दोस्त
तो देखना तुम कि लोग बिल्कुल फिजूलखर्ची नहीं करेंगे

हमारे चंद अच्छे दोस्तों ने ये वा'दा ख़ुद से किया हुआ है
कि शक्ल अल्लाह ने अच्छी दी है सो बातें अच्छी नहीं करेंगे

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कितने हसीं हो माशा-अल्लाह
तुम पे मोहब्बत ख़ूब जचेगी

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कभी अल्लाह मियाँ पूछेंगे तब उन को बताएँगे
किसी को क्यूँ बताएँ हम इबादत क्यूँ नहीं करते

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चुरायगा उसी से आँख क़ातिल
ज़रा सी जान जिस बिस्मिल में होगी

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इक दिन के लिए घर को परी-ख़ाना बना दे
अल्लाह मुझे उन का ग़ुसल-ख़ाना बना दे

मोटी है बहुत बीवी तो हुश्यार रहा कर
वो मूड में आ कर तेरा सुरमा ना बना दे

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कोई कहता था समुंदर हूँ मैं
और मिरी जेब में क़तरा भी नहीं

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चाँद बैठा हुआ है पहलू में
क़तरा क़तरा पिघल रहा हूँ मैं

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मिल जाऊँगा दरिया में तो हो जाऊँगा दरिया
सिर्फ़ इस लिए क़तरा हूँ कि मैं दरिया से जुदा हूँ

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अल्लाह बना दे मिरे अश्कों को कबूतर
सब पूछ रहे हैं तिरे रूमाल में क्या है

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तेरी आँखों में जो इक क़तरा छुपा है, मैं हूँ
जिस ने छुप छुप के तेरा दर्द सहा है, मैं हूँ

एक पत्थर कि जिसे आँच न आई, तू है
एक आईना कि जो टूट चुका है, मैं हूँ

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'लिल्लाह' शब्द में गहरी भक्ति और सच्चाई का भाव है। यह विनम्रता से उत्पन्न होता है, जहाँ किसी के कार्य केवल ईश्वर के लिए समर्पित होते हैं, सांसारिक इच्छाओं से मुक्त। कविता में, यह आध्यात्मिक समर्पण और निःस्वार्थता का भाव उत्पन्न करता है।

कवि अक्सर 'लिल्लाह' का उपयोग एक विनती या दिल से की गई प्रार्थना को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह एक कमजोर क्षण या दिव्य के साथ गहरे संबंध को दर्शा सकता है। यह सांसारिक लक्ष्यों के विपरीत, इरादे की पवित्रता को उजागर करता है।

अपने सार में, 'लिल्लाह' उस पवित्रता और सच्चाई की याद दिलाता है जो सांसारिकता से परे जा सकती है। यह हमारे कार्यों के पीछे की सच्ची प्रेरणाओं पर विचार करने के लिए आमंत्रित करता है।