Meaning of

लिल्लाह

lillaah • للہ

भगवान के लिए; सच्चाई से

for God's sake; sincerely

خدا کے لئے; خلوص سے

Arabic

कितने हसीं हो माशा-अल्लाह तुम पे मोहब्बत ख़ूब जचेगी — Zubair Ali Tabish
चुरायगा उसी से आँख क़ातिल ज़रा सी जान जिस बिस्मिल में होगी — Dagh Dehlvi
कोई कहता था समुंदर हूँ मैं और मिरी जेब में क़तरा भी नहीं — Kaifi Azmi
मिल जाऊँगा दरिया में तो हो जाऊँगा दरिया सिर्फ़ इस लिए क़तरा हूँ कि मैं दरिया से जुदा हूँ — Nazeer Banarasi
कभी अल्लाह मियाँ पूछेंगे तब उन को बताएँगे किसी को क्यूँ बताएँ हम इबादत क्यूँ नहीं करते — Farhat Ehsaas
चाँद बैठा हुआ है पहलू में क़तरा क़तरा पिघल रहा हूँ मैं — Siraj Faisal Khan
अल्लाह बना दे मिरे अश्कों को कबूतर सब पूछ रहे हैं तिरे रूमाल में क्या है — Khan Janbaz

'लिल्लाह' शब्द में गहरी भक्ति और सच्चाई का भाव है। यह विनम्रता से उत्पन्न होता है, जहाँ किसी के कार्य केवल ईश्वर के लिए समर्पित होते हैं, सांसारिक इच्छाओं से मुक्त। कविता में, यह आध्यात्मिक समर्पण और निःस्वार्थता का भाव उत्पन्न करता है।

कवि अक्सर 'लिल्लाह' का उपयोग एक विनती या दिल से की गई प्रार्थना को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह एक कमजोर क्षण या दिव्य के साथ गहरे संबंध को दर्शा सकता है। यह सांसारिक लक्ष्यों के विपरीत, इरादे की पवित्रता को उजागर करता है।

अपने सार में, 'लिल्लाह' उस पवित्रता और सच्चाई की याद दिलाता है जो सांसारिकता से परे जा सकती है। यह हमारे कार्यों के पीछे की सच्ची प्रेरणाओं पर विचार करने के लिए आमंत्रित करता है।