Meaning of

वक़ार

vaqaar • وقار

गरिमा; शालीनता; संतुलन

dignity; grace; poise

وقار; شائستگی; توازن

Arabic

कौन डूबेगा किसे पार उतरना है 'ज़फ़र' फ़ैसला वक़्त के दरिया में उतर कर होगा — Ahmad Zafar
वालिद ने काँधे पर मेरे क्या हाथ रख दिया और चार चाँद लग गए तब से वक़ार में — Rohit tewatia 'Ishq'
जतन भी देखे शिकस्तगी भी सुकून पाया ज़फ़र जो देखा नए परिंदों के पंख देखे हुआ अचंभा हुनर जो देखा — Prashant Prakhar
मौत के साथ हुई है मिरी शादी सो 'ज़फ़र' उम्र के आख़िरी लम्हात में दूल्हा हुआ मैं — Zafar Iqbal
यूँँ पतंगों की तरह जो उड़ रहा है तू 'ज़फ़र' जब गिरेगा फ़र्श पे तब होश आएगा तुझे — ZafarAli Memon

वक़ार एक आंतरिक शक्ति और शांति का प्रतीक है। कविता में, यह अक्सर एक ऐसे व्यक्ति की छवि को उभारता है जो बाहरी हलचल से अप्रभावित रहते हुए एक अडिग शालीनता के साथ खुद को प्रस्तुत करता है।

कवि वक़ार का उपयोग किसी चरित्र की महानता को उजागर करने के लिए करते हैं। यह अराजकता या अव्यवस्था के विपरीत, एक शांत उपस्थिति को दर्शाता है। अक्सर नेताओं, संतों या प्रिय व्यक्तियों का वर्णन करने के लिए उपयोग किया जाता है।

वक़ार वह मौन शक्ति है जो बिना कुछ कहे बहुत कुछ कह जाती है।