बंदिश ख़याल रब्त निभाता रहा मगरइक शे'र बा-वक़ार कभी कह नहीं सकामैं ने ज़बाँ पे टेप लगाया तो था मगरकमबख़्त दिल दिमाग़ से चुप रह नहीं सका— SALIM RAZA REWA