Meaning of

वहमो-गुमाँ

wahmo-gumaan • رو برو

शंका; संदेह; भ्रम

doubt; suspicion; illusion

شک; شبہ; وہم

Arabic

एक आईना रू-ब-रू है अभी उस की ख़ुश्बू से गुफ़्तुगू है अभी — Ada Jafarey
शिकायतें भी बहुत हैं हिकायतें भी बहुत मज़ा तो जब है कि यारों के रू-ब-रू कहिए — Ali Sardar Jafri
होने दो तसल्ली से अभी ये गुफ़्तगू जाने कब हो ऐसे ज़िन्दगी फिर रू-ब-रू — Saurabh Mehta 'Alfaaz'
तेरी दो आँखें पढ़ने के लिए जानाँ मुझे आना पड़ेगा रू-ब-रू तेरे — ABhishek Parashar
वैसे तो उस का नाम नहीं हाफ़िज़े में अब मुमकिन है रूबरू जो कभी हो, पुकार दूँ — Bhaskar Shukla
रु-ब-रु ऐसी पास बस्ती है रोते चेहरे उदास बस्ती है — Ananya Rai Parashar
दिलासा दे रही हो ख़ुद को लेकिन हक़ीक़त से तो तुम भी रूबरू हो — Gopesh "Tanha"

वहमो-गुमाँ एक ऐसा शब्द है जो मन में उठने वाले संदेह और भ्रम की छायाओं को दर्शाता है। कविता में, यह अक्सर वास्तविकता और भ्रम के बीच की नाज़ुक संतुलन को पकड़ता है, जहाँ दिल इस उलझन में होता है कि क्या है और क्या हो सकता है।

कवि 'वहमो-गुमाँ' का उपयोग प्रेम और विश्वासघात के विषयों की खोज के लिए करते हैं, जहाँ विश्वास नाज़ुक होता है। यह अक्सर दिल के आंतरिक संघर्षों और सत्य को धोखे से अलग करने की जद्दोजहद के बारे में छंदों में दिखाई देता है।

कविता के क्षेत्र में, 'वहमो-गुमाँ' आत्मा की गहरी अनिश्चितताओं को दर्शाने वाला दर्पण बन जाता है।