Meaning of

शक़

shak • شق

संदेह; शक

doubt; suspicion

شک; شبہ

Arabic

ये मुझे चैन क्यूँ नहीं पड़ता एक ही शख़्स था जहान में क्या — Jaun Elia
हम को नीचे उतार लेंगे लोग इश्क़ लटका रहेगा पंखे से — Zia Mazkoor
सोचूँ तो सारी उम्र मोहब्बत में कट गई देखूँ तो एक शख़्स भी मेरा नहीं हुआ — Jaun Elia
क्या ख़बर कौन था वो, और मेरा क्या लगता था जिस सेे मिल कर मुझे, हर शख़्स बुरा लगता था — Tehzeeb Hafi
मुद्दतों बा'द इक शख़्स से मिलने के लिए आइना देखा गया, बाल सँवारे गए — Jaun Elia

अपने मूल अर्थ में, 'शक' अनिश्चितता या अविश्वास की भावना को दर्शाता है। कविता ने इस शब्द को अपनाया है ताकि विश्वास और संदेह के बीच के नाजुक संतुलन को खोजा जा सके, अक्सर उस भावनात्मक उथल-पुथल को उजागर करते हुए जो संदेह से उत्पन्न होती है।

'शक' का उपयोग कवि प्रेम और विश्वासघात के विषयों में गहराई से जाने के लिए करते हैं। यह अक्सर उन छंदों में दिखाई देता है जो संबंधों की नाजुकता का अन्वेषण करते हैं। यह शब्द भ्रम के बीच स्पष्टता की लालसा को जागृत कर सकता है।

कविता में, 'शक' हृदय के आंतरिक संघर्षों को प्रतिबिंबित करने वाला दर्पण बन जाता है। यह निश्चितता और संदेह के बीच के नाजुक नृत्य की याद दिलाता है।