Meaning of

शबाब

shabaab • شباب

यौवन; जोश

youth; vigor

جوانی; جوش

Arabic

जवाँ होने लगे जब वो तो हम से कर लिया पर्दा हया यक-लख़्त आई और शबाब आहिस्ता आहिस्ता — Ameer Minai
जब चाँद आसमान में होगा शबाब पर तब हम ग़ज़ल कहेंगे तुम्हारे नक़ाब पर — Saarthi Baidyanath
शबाब अब बस करो तुम भी, तुम अब क्या कर के मानोगे ग़ज़ल के ज़रिए तुम भी यार क्या हालात कहते हो — Shabab Shahzad Khan
तसव्वुर में भी अब वो बे-नक़ाब आते नहीं मुझ तक क़यामत आ चुकी है लोग कहते हैं शबाब आया — Hafeez Jalandhari
मिरी वफ़ा का तिरा लुत्फ़ भी जवाब नहीं मिरे शबाब की क़ीमत तिरा शबाब नहीं — Asrar Ul Haq Majaz
हो बरक़रार हुस्न पे रौनक़ शबाब और मय — RAAHI
रात अपने शबाब पर आई अब मेरी जान रू-नुमाई कर — RIZWAN ALI RIZWAN

शबाब यौवन का सार प्रस्तुत करता है, एक ऐसा समय जब जीवन शक्ति और असीम ऊर्जा होती है। कविता में, यह अक्सर जीवन की क्षणभंगुरता, युवा प्रेम की उमंग, और समय के अनिवार्य प्रवाह का प्रतीक होता है।

कवि 'शबाब' का उपयोग यौवन की जीवंतता को जागृत करने के लिए करते हैं, अक्सर इसे उम्र की बुद्धिमत्ता के साथ विपरीत करते हैं। यह जीवन की क्षणभंगुरता और इसकी अस्थिरता में पाई जाने वाली सुंदरता की याद दिलाता है।

शबाब जीवन के जीवंत क्षणों का उत्सव है, क्षणभंगुरता में सुंदरता की एक मार्मिक याद दिलाता है।