मेरी जवानी को कमज़ोर क्यूँ समझते होतुम्हारे वास्ते अब भी शबाब बाक़ी हैये और बात है बोतल ये गिर के टूट गईमगर अभी भी ज़रा सी शराब बाक़ी है— Paplu Lucknawi