Meaning of

शब-ए-विसाल

shab-e-visaal • شب وصال

मिलन की रात; संयोग की रात

night of union; night of meeting

وصل کی رات; ملاقات کی رات

Persian

शब-ए-फ़िराक़ हावी है शब-ए-विसाल पे ऐ दोस्त सियाह रात में अब तक बदन को कोफ़्त होती है — Das Kanpuri

'शब-ए-विसाल' लंबे समय से प्रतीक्षित मिलन की गहरी भावनाओं को जगाता है। कविता में, यह वह रात है जब प्रेमी मिलते हैं, समय और स्थान की बाधाओं को पार करते हुए, एकता की गर्मजोशी में लिपटे हुए।

कवि 'शब-ए-विसाल' का उपयोग पूर्ति, लालसा की पराकाष्ठा और एकता में मिलने वाले आनंद के विषयों की खोज के लिए करते हैं। यह जुदाई की रातों के विपरीत है, एकता के आनंद को उजागर करता है।

'शब-ए-विसाल' मिलन के आनंद को समेटे हुए है, एक शाश्वत विषय जो काव्यात्मक आत्मा में गहराई से गूंजता है।