Meaning of

शब-भर

shab-bhar • شب بھر

पूरी रात; रात भर

all night; throughout the night

پوری رات; رات بھر

Persian

कोई चेहरा किसी को उम्र भर अच्छा नहीं लगता हसीं है चाँद भी, शब भर मगर अच्छा नहीं लगता — Munawwar Rana
कल चौदहवीं की रात थी शब भर रहा चर्चा तिरा कुछ ने कहा ये चाँद है कुछ ने कहा चेहरा तिरा — Ibn E Insha
सुब्ह की सैर की करता हूँ तमन्ना शब भर दिन निकलता है तो बिस्तर में पड़ा रहता हूँ — Sabir Zafar
इसी पर बैठ कर शब भर कहानी माँ सुनाती थी तभी ख़ुशबू सी आती है मुझे इस चारपाई से — Shriyansh Qaabiz
तन्हाइयाँ तुम्हारा पता पूछती रहीं शब-भर तुम्हारी याद ने सोने नहीं दिया — Unknown
शब भर इक आवाज़ बनाई सुब्ह हुई तो चीख़ पड़े रोज़ का इक मामूल है अब तो ख़्वाब-ज़दा हम लोगों का — Abhishek shukla
एक तरीक़ा बर्बादी का, हम ने यूँँ ईजाद किया शब भर तन्हा-तन्हा रोए, मायूसी को शाद किया — Saurabh Mehta 'Alfaaz'
नींद आती नहीं मुझे शब भर देख लेते मुझे वो गर पल भर — Rudransh Trigunayat
करवट बदल बदल कर सोचूँ तुम्हें मैं शब भर तुम चैन से किसी के ख़्वाबों को बुन रहे हो — Shaikh Sohail

'शब-भर' शब्द रात के शांत, चिंतनशील क्षणों को दर्शाता है। कविता में, यह समय के उस प्रवाह का प्रतीक है जो आकांक्षा या आत्मनिरीक्षण से भरा होता है। रात सपनों और अनकहे भावों के लिए एक कैनवास बन जाती है।

कवि अक्सर 'शब-भर' का उपयोग अंतहीन प्रतीक्षा या रात के दौरान महसूस की गई भावनाओं की गहराई को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह रात की एकांतता और शांति को भी दर्शा सकता है, जो दिन के कोलाहल के विपरीत है।

रात की गोद में, 'शब-भर' आत्मा के शांत विचारों का एक माध्यम बन जाता है।