
आँखें तब से रौशन हैं बोलो मैं क्या कर सकता हूँ?
वो शब भर देखा था कल तुम को मैं क्या कर सकता हूँ?
तुम कहती हो तुम को सुंदर केवल मैं ही कहता हूँ
अब सारी दुनिया अंधी है तो मैं क्या कर सकता हूँ?
— Aatish Alok
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