@aatishalok
Aatish Alok shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Aatish Alok's shayari and don't forget to save your favorite ones.
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अपने साथ लिए जाता है आँखों को और कानों को
कुछ लोगों के जाने का सन्नाटा ऐसा होता है
छोड़ जाने का बहाना चाहिए था
तो मुझे पहले बताना चाहिए था
कैसे हँसते हो भला उस बात पर तुम
जिसमें तुमको डूब जाना चाहिए था
अच्छा तो है बहुत पर मन से नहीं गया है
भीतर गया मगर वो उतने नहीं गया है
मैंने मुनाफ़िक़ों को बाहर किया है खुद ही
वो शख्स ज़िंदगी से ऐसे नहीं गया है
कहने को तो दुनिया तेरी बहुत बड़ी सी है मौला
मेरे ग़म के आगे लेकिन कितनी छोटी है मौला
तू भी तो हरदम केवल उसकी ही सुनता रहता है
दुनिया भी तेरी बिल्कुल ही तेरे जैसी है मौला
कभी मिलो तो बताएँ तुम्हे कि क्या है मुझे,
जिसे समझते हो जन्नत वही सज़ा है मुझे
मैं हर किसी को तेरे नाम से बुलाता हूँ,
बिछड़ के तुझसे अजब रोग लग गया है मुझे
एक दिन तुम देखना मैं जीभ काटूँगा इन्ही के
बीच में ही काट देते हैं तुम्हारी बात को जो
एक दिन भी जी न पायेगा यकीं सा था मुझे
वो मगर जीकर बताया झूठ लगता था मुझे
वो कि जिसने कह दिया अब रोकने का मन नहीं
एक वो ही शख्स था जो रोक सकता था मुझे
तुझे ही क्यों नज़र आता नहीं मुझ आम सा लड़का
तेरे जब पास होता है तो कितना ख़ास होता है
अपनी अना को छोड़ तेरे दर में आ गया
तुम सोचने लगे कि बराबर में आ गया
पंछी तो जाल में है फँसा जानबूझकर
सय्याद सोचता है कि चक्कर में आ गया
रौंद कर सपना किसी का मुस्कुराना ठीक नईं
हाकिमों के हाँ में हाँ यूँ भी मिलाना ठीक नईं
अब निकलकर आ गए तो लौटना मुमकिन न है
हारना तो ठीक है पर हार जाना ठीक नईं
अपने साथ लिए जाता है आँखों को और कानों को
कुछ लोगों के जाने का सन्नाटा ऐसा होता है
बनाने को बना सकता हूँ तेरे दिल में घर ये जानता हूँ मैं
मगर घर तोड़ने वालों के घर में घर बनाना है नहीं मुझको
लुभाता है कहन मेरा तुम्हें तो इसलिए ऐ दोस्त
मेरे घर के बड़े लोगों से भी मिलता रहा हूँ मैं
मैं तंग आ गया हूँ दोस्त ख़ुद ही अपने आप से
जो तुम नहीं समझ सके तो क्या भला ग़ज़ब हुआ
इश्क़ में कितनी पागल है वो बुद्धू सी लड़की देखो तो
जो गिला करो तो हँसती है तारीफ़ों पे रो देती है