
कभी मिलो तो बताएँ तुम्हें कि क्या है मुझे,
जिसे समझते हो जन्नत वही सज़ा है मुझे
मैं हर किसी को तेरे नाम से बुलाता हूँ,
बिछड़ के तुझ से अजब रोग लग गया है मुझे
— Aatish Alok
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