मेरे दिल ने कहा तब हीं ये लड़का मैं नहीं हूँ
महज़ उस सेे मिला था और फिर क्या? मैं नहीं हूँ
उसी का प्यार हूँ मैं यार तेरा मैं नहीं हूँ
समझ जैसा रहा है तू, न वैसा मैं नहीं हूँ
कहा कैसे ये था तुमने तिरा कोई नहीं है
इधर देखो, कहो फिर से जरा, क्या मैं नहीं हूँ?
तिरे ही नाम कर दी और तुम हो जिंदगी जब
क़सम अपनी किसी भी हाल खाता मैं नहीं हूँ
गया थक दोहरी सी जिंदगी जीकर यहाँ पर
रहा हैं हँस ये मेरा मुखौटा ,मैं नहीं हूँ
अभी तो गम है तेरे साथ सो कोई न होगा
अभी तो सब कहेंगे मैं नहीं हूँ ,मैं नहीं हूँ
मुझे मालूम है कल ये कहेंगे यार है आतिश
यही वो लोग हैं कि आज जिनका मैं नहीं हूँ
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