
अच्छा तो है बहुत पर मन से नहीं गया है
भीतर गया मगर वो उतने नहीं गया है
मैं ने मुनाफ़िक़ों को बाहर किया है ख़ुद ही
वो शख़्स ज़िंदगी से ऐसे नहीं गया है
— Aatish Alok
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