Meaning of

शा'इर

sha'ir • شا'عر

कवि; शायर

poet; bard

شاعر; بارد

Arabic

किताब फ़िल्म सफ़र इश्क़ शा'इरी औरत कहाँ कहाँ न गया ख़ुद को ढूँढ़ता हुआ मैं — Jawwad Sheikh
मैं सुख़न में हूँ उस जगह कि जहाँ साँस लेना भी शा'इरी है मुझे — Tehzeeb Hafi
तुम्हारा भी दुखाएगा कोई दिल तुम्हें भी शा'इरी अच्छी लगेगी — Tanoj Dadhich
तुम्हारी बात करने की अदा ने ही किया पागल न जाने हाल क्या होता, अगर तुम शा'इरी करती — Tanoj Dadhich
तुझे कौन जानता था मेरी दोस्ती से पहले तेरा हुस्न कुछ नहीं था मेरी शा'इरी से पहले — Kaif Bhopali

शा'इर केवल छंदों का लेखक नहीं होता, बल्कि भावनाओं और विचारों का जादूगर होता है। कविता में, शा'इर को एक दृष्टा के रूप में देखा जाता है, जो जीवन के सार को पकड़ता है और उसे शब्दों में ढालता है।

कवि अक्सर 'शा'इर' का उपयोग समाज में कवि की भूमिका को खोजने के लिए करते हैं। यह शब्दों की प्रेरणा, उपचार या विचार को उत्तेजित करने की शक्ति का प्रतीक हो सकता है।

शा'इर सांसारिक और अलौकिक के बीच एक पुल के रूप में खड़ा होता है, शब्दों के नृत्य में अवर्णनीय को पकड़ता है।