सुख़न-फ़हमों की बस्ती में सुख़न की ज़िन्दगी कम हैजहाँ शाइ'र ज़ियादा हैं वहाँ पर शा'इरी कम हैमैं जुगनू हूँ उजाले में भला क्या अहमियत मेरीवहाँ ले जाइए मुझ को जहाँ पर रौशनी कम है— Balmohan Pandey