Meaning of

शिक़वे

shiqwe • شکوے

शिकायतें; गिले

complaints; grievances

شکایات; گلے

Arabic

फोन भी आया तो शिकवे के लिए फूल भी भेजा तो मुरझाया हुआ — Balmohan Pandey
शिकवे हैं शाने हैं अश्क-ओ-गिर्या है तुम ना हो तो फिर तो सारी दुनिया है — Saurabh Mehta 'Alfaaz'
थाल में हम को मिले रिश्तों के शिकवे और गिले ज़ाइक़े में इश्क़ का ही बस निवाला रह गया — Aadil Sulaiman
गिले शिकवे ज़रूरी हैं अगर सच्ची मुहब्बत है जहाँ पानी बहुत गहरा हो थोड़ी काई रहती है — Munawwar Rana
चले भी आओ भुला कर सभी गिले-शिकवे बरसना चाहिए होली के दिन विसाल का रंग — Azhar Iqbal
सुने जाते न थे तुम सेे मिरे दिन रात के शिकवे कफ़न सरकाओ मेरी बे-ज़बानी देखते जाओ — Fani Badayuni
क्यूँँ हिज्र के शिकवे करता है क्यूँँ दर्द के रोने रोता है अब इश्क़ किया तो सब्र भी कर इस में तो यही कुछ होता है — Hafeez Jalandhari

मूल रूप से, 'शिकवे' शिकायतों या गिलों को व्यक्त करने की क्रिया को दर्शाता है। कविता में, यह अक्सर अनकही पीड़ाओं और समझ की लालसा का भावनात्मक भार दर्शाता है। यह शब्द असंतोष व्यक्त करने और मेल-मिलाप की आशा के बीच के नाजुक संतुलन को पकड़ता है।

'शिकवे' का उपयोग कवि अक्सर अधूरी इच्छाओं और भावनात्मक दूरी के विषयों की खोज के लिए करते हैं। यह शब्द अलगाव के दर्द और जुड़ाव की लालसा के साथ गूंजता है। 'शुक्र' जैसे शब्दों के साथ इसका विपरीत मानव भावनाओं की जटिलता को उजागर करता है।

कविता के क्षेत्र में, 'शिकवे' मौन और अभिव्यक्ति के बीच एक पुल बन जाता है। यह पाठक को अनकहे पर विचार करने के लिए आमंत्रित करता है।