Meaning of

श्रंगार

shrangaar • شرنگار

सजावट; अलंकरण; प्रेम; सौंदर्य

adornment; decoration; love; beauty

آرائش; زینت; محبت; خوبصورتی

Sanskrit

किस हद तक मैं प्यार करूँँगा किस हद तक
यूँँ ख़ुद को बेज़ार करूँँगा किस हद तक

कब तक तेरी तस्वीरें देखूँगा मैं
आँखों से शृंगार करूँँगा किस हद तक

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हर जानिब हो कर आया हूँ बातें हैं बस यार वही
चर्चा उस के चहरे का या चहरे का श्रंगार वही

अच्छा सब लगता है पर दो चीज़ों का कायल हूँ मैं
खन खन तेरे कंगन की औ पायल की झंकार वही

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इबादत हो मेरी तुम जानाँ दिल से प्यार तुम से है
मैं जीता हूँ तुम्हीं में और मेरा संसार तुम से है

अगरचे ज़िक्र तेरा ही न हो पूरी नहीं होती
मेरी ग़ज़लों मेरी नज़्मो का सब श्रिंगार तुम से है

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किस हद तक मैं प्यार करूँँगा किस हद तक
यूँँ ख़ुद को बेज़ार करूँँगा किस हद तक

कब तक तेरी तस्वीरें देखूँगा मैं
आँखों से शृंगार करूँँगा किस हद तक

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हर जानिब हो कर आया हूँ बातें हैं बस यार वही
चर्चा उस के चहरे का या चहरे का श्रंगार वही

अच्छा सब लगता है पर दो चीज़ों का कायल हूँ मैं
खन खन तेरे कंगन की औ पायल की झंकार वही

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श्रृंगार सौंदर्य और प्रेम का उत्सव है, जो अक्सर प्रिय के अलंकरण के माध्यम से चित्रित होता है। यह जीवन के अनुभवों को समृद्ध करने वाली सौंदर्यात्मक और भावनात्मक परतों की बात करता है।

कवि 'श्रृंगार' का उपयोग प्रेम की समृद्धि और संबंधों की जटिल सुंदरता को जागृत करने के लिए करते हैं। यह अक्सर विरह और जुदाई के विषयों के साथ विपरीत होता है।

श्रृंगार सौंदर्य और भावना के साथ जुड़े सार को पकड़ता है, जो कविता में एक शाश्वत विषय है।