
इबादत हो मेरी तुम जानाँ दिल से प्यार तुम से है
मैं जीता हूँ तुम्हीं में और मेरा संसार तुम से है
अगरचे ज़िक्र तेरा ही न हो पूरी नहीं होती
मेरी ग़ज़लों मेरी नज़्मो का सब श्रिंगार तुम से है
— Prince Sodhi
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