Meaning of

संग-दिल

sang-dil • سنگ دل

पत्थर दिल; निर्दयी

stone-hearted; unfeeling

سنگ دل; بے حس

Persian

हवा ख़फ़ा थी मगर इतनी संग-दिल भी न थी हमीं को शमा' जलाने का हौसला न हुआ — Qaisar-ul-Jafri
रंज से जो भर गए ख़ुद से लिपट के रो लिए संग दिल को क्या सुनाते हम फ़साना दर्द का — Haresh Vanza
मेरे अल्फ़ाज़ की ता'बीर हो तहरीर भी तसनीफ़ भी हो शा'इरी की तुम मगर अब इश्क़ के इस संग-दिल बस्ती में कोई शा'इरी मुझ से नहीं होती — A R Sahil "Aleeg"
मैं ने चाहा भी कि फिर इस संग-दिल पे फूल उगे पर तुम्हारी रुख़्सती के बा'द ये होता नहीं — Siddharth Saaz

संग-दिल शब्द एक ऐसे दिल की छवि प्रस्तुत करता है जो पत्थर की तरह कठोर और अडिग है। कविता में, यह भावनात्मक ठंडक और दूसरों के दुख को समझने में असमर्थता को दर्शाता है।

कवि अक्सर 'संग-दिल' का उपयोग उन पात्रों का वर्णन करने के लिए करते हैं जो प्रेम या पीड़ा के प्रति उदासीन होते हैं। यह 'नर्म-दिल' जैसे शब्दों के विपरीत है, जो करुणा की अनुपस्थिति को दर्शाता है।

कविता के क्षेत्र में, 'संग-दिल' भावनात्मक बाधाओं की एक कठोर याद दिलाता है जो हमें अलग करती हैं।