Meaning of

सख़ी

sakhi • سخی

उदार; परोपकारी; दयालु

generous; benevolent; kind-hearted

سخی; مہربان; دلدار

Persian

सखियों संग रँगने की धमकी सुन कर क्या डर जाऊँगा तेरी गली में क्या होगा ये मालूम है पर आऊँगा — Kumar Vishwas
सखी को हमारी नज़र लग न जाए उसे ख़्वाब में रात भर देखते हैं — Sahil Verma
महफ़िल में उस ने इश्क़ का ऐलान कर दिया सब दोस्तों को सखियों को हैरान कर दिया — Shajar Abbas
शे'र कहने अलावा मेरे हाथ एक बूढ़े की बैसाखी भी है — Jagveer Singh
ओ सखी मन उस का तो तन भी उसी का हक़ है उस को ग़ैर ये आँगन न चू में — Neeraj Neer
दिखती है सखी तुम को नाराज़गी उस की पर चुप चुप के किए उस के उपकार नहीं दिखते — Sahil Verma

यह शब्द उदारता और दयालुता की भावना को समाहित करता है। कविता में, यह अक्सर खुले दिल और निःस्वार्थ कार्यों की सुंदरता की छवियों को जागृत करता है, जो स्वार्थी दुनिया की कठोरता के विपरीत है।

कवियों ने इसे दयालुता के कार्यों और मानव संबंध की गर्मजोशी का जश्न मनाने के लिए उपयोग किया है। यह अक्सर लालच और स्वार्थ के विपरीत होता है, उदार आत्मा की महानता को उजागर करता है।

सख़ी एक उदार हृदय की शाश्वत सुंदरता को दर्शाता है। यह हमें एक ऐसी दुनिया में दयालुता की स्थायी शक्ति की याद दिलाता है जो अक्सर इससे रहित होती है।