Meaning of

सखी

sakhi • سخی

मित्र; सहेली

friend; companion

دوست; سہیلی

Sanskrit

सखियों संग रँगने की धमकी सुन कर क्या डर जाऊँगा तेरी गली में क्या होगा ये मालूम है पर आऊँगा — Kumar Vishwas
सखी को हमारी नज़र लग न जाए उसे ख़्वाब में रात भर देखते हैं — Sahil Verma
महफ़िल में उस ने इश्क़ का ऐलान कर दिया सब दोस्तों को सखियों को हैरान कर दिया — Shajar Abbas
शे'र कहने अलावा मेरे हाथ एक बूढ़े की बैसाखी भी है — Jagveer Singh
ओ सखी मन उस का तो तन भी उसी का हक़ है उस को ग़ैर ये आँगन न चू में — Neeraj Neer
दिखती है सखी तुम को नाराज़गी उस की पर चुप चुप के किए उस के उपकार नहीं दिखते — Sahil Verma

सखी, एक ऐसा शब्द जो गर्मजोशी और विश्वास के साथ गूंजता है, संगति के सार को समेटे हुए है। कविता में, यह सिर्फ एक मित्र नहीं है; यह एक विश्वासपात्र है, रहस्यों का संरक्षक है, आत्मा का दर्पण है।

कवि अक्सर 'सखी' का आह्वान निष्ठा और भावनात्मक निकटता के विषयों की खोज के लिए करते हैं। यह एक ऐसा बंधन है जो समय और दूरी को पार कर जाता है। यह प्रेम के संघर्षों और विजय का मूक साक्षी है।

'सखी' शब्द में, हम मित्रता की शांत शक्ति पाते हैं। यह मानव संबंध की स्थायी शक्ति का प्रमाण है।