Meaning of

सज़ा–ए–मौत

sazaa–e–maut • سزا موت

मृत्युदंड; मौत की सज़ा

death penalty; punishment of death

موت کی سزا; سزاۓ موت

Persian

जन्नत में आ गया था किसी अप्सरा पे दिल जिस की सज़ा-ए-मौत में दुनिया मिली मुझे — Ankit Maurya
जिस तरफ़ उस की निगाहें मुड़ गई इक दफ़ा जैसे सज़ा-ए-मौत हो — Umesh Maurya
तुम्हें हक है की सज़ा-ए-मौत दो हमें हमारा हक है की पहले गुनाह साबित हो — Praveen Bhardwaj
मुंसिफ़ सुनो तुम, उम्र-भर की ये सज़ा कम ही लगे इंसान को मिल मुफ़लिसी, है ये सज़ा-ए-मौत ही — Zain Aalamgir

यह वाक्यांश दंड की अंतिमता और गंभीरता को दर्शाता है। कविता में, यह अक्सर अटल भाग्य या जीवन के कठोर निर्णयों का प्रतीक होता है। इस शब्द की गहराई इसके भय और अनिवार्यता को व्यक्त करने की क्षमता में निहित है।

कवि इस वाक्यांश का उपयोग न्याय और नैतिकता के विषयों की खोज के लिए करते हैं। यह किसी के कार्यों के अंतिम परिणामों के लिए एक रूपक हो सकता है। यह मुक्ति या क्षमा के विषयों के विपरीत है।

इसकी गंभीरता में, यह वाक्यांश अंतिमता के गहरे भार को पकड़ता है। यह हमें जीवन और उसके अनिवार्य अंत के बीच के नाजुक संतुलन की याद दिलाता है।