Meaning of

सज्दे

sajde • سجدے

सजदा; उपासना; समर्पण

prostrations; acts of worship; submission

سجدہ; عبادت; اطاعت

Arabic

ये सारा जिस्म झुक कर बोझ से दोहरा हुआ होगा मैं सजदे में नहीं था आप को धोखा हुआ होगा — Dushyant Kumar
मैं ने उस सज्दे का वो मंज़र घटते देखा है तेरी राहों से पत्थर को ख़ुद हटते देखा है — arjun chamoli
ये ऐसा क़र्ज़ है जो मैं अदा कर ही नहीं सकता मैं जब तक घर न लौटूँ मेरी माँ सज्दे में रहती है — Munawwar Rana
ज़मीं मेरे सज्दे से थर्रा गई मुझे आसमाँ से पुकारा गया — Siraj Faisal Khan
ये बात तुम बस कह दो ये पल ठहर जाए मैं सज्दे में झुकता हूँ फिर उठ न सर पाए — arjun chamoli
इबलीस जैसे सज्दे अदा कर के रात दिन चाहत शजर के दिल में हैं देखो बहिश्त की — Shajar Abbas
अमीरों ने हमारे शहर में मस्जिद बनाई है गरीबों ने किए सजदे अरे क्या बे हयाई है — Afzal Sultanpuri

'सज्दे' श्रद्धा में झुकने की क्रिया को दर्शाता है, जो विनम्रता और भक्ति का संकेत है। कविता में, यह अक्सर प्रेम या दिव्य इच्छा के प्रति अंतिम समर्पण का प्रतीक होता है, जहाँ आत्मा समर्पित होती है।

कवि 'सज्दे' का उपयोग भक्ति और समर्पण के विषयों को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह व्यक्ति के प्रेम या विश्वास की गहराई को दर्शा सकता है, जो अक्सर गर्व या अहंकार के विपरीत होता है।

कविता के क्षेत्र में, 'सज्दे' आत्मा के सबसे गहरे भक्ति के कार्यों का रूपक बन जाता है।