Meaning of

सदाक़त

sadaqat • صداقت

सच्चाई; ईमानदारी

truthfulness; sincerity

سچائی; خلوص

Arabic

जिन के किरदार से आती हो सदाक़त की महक उन की तदरीस से पत्थर भी पिघल सकते हैं — Unknown
सपने गए सुकून भी उल्फ़त चली गई मिलने की अपने आप से फ़ुर्सत चली गई मेरी तो बोलने की ही आदत चली गई तेरे ही साथ सारी शरारत चली गई खुशियांँ थीं उस सेे घर में थीं आंँगन में रौनकें बिटिया के साथ घर की भी बरकत चली गई छूटा तुम्हारा साथ तो बाक़ी ही क्या बचा दिल में जो पल रही थी वो हसरत चली गई आते नहीं फ़क़ीर न साइल भी आजकल माँ क्या गई कि घर की रिवायत चली गई मेरे सुख़न पे तू ने उठाईं जो उँगलियाँ मेरी तमाम उम्र की मेहनत चली गई यूँँंँ भी कभी जहान में इफ़रात में न थी थोड़ी बहुत थी वो भी सदाक़त चली गई होती नहीं है शे'र की आमद भी अब नज़र तुम क्या गए कि लफ़्ज़ की ताक़त चली गई — Nazar Dwivedi
देर से ही आ गया हम को दुनिया का चलन झूठ भी कहते नहीं और सदाकत छोड़ दी — Ali Mohammed Shaikh
कोई मुझ को इखट्टा कर के तो देखे इश्क़, सदाक़त, हसरत कुछ तो निकलेगा — Meem Alif Shaz
सदाक़त हो तो दिल सीनों से खिंचने लगते हैं वाइज़ हक़ीक़त ख़ुद को मनवा लेती है मानी नहीं जाती — Jigar Moradabadi
जहाँ ता'लीम ही होगी सदाक़त से बुलंदी पर वहाँ तदरीस होती है — Manohar Shimpi
अमीरो की सदाक़त देख ली हम ने गरीबों की ज़मीनें छीन लेते हैं — Meem Alif Shaz
सदाक़त हम निभाते भी रहेंगे ये बच्चों को सिखाते भी रहेंगे — Manoj Devdutt
हुस्न तो है ही मगर वो कोई मूरत है नहीं सिर्फ़ इक तस्वीर ही है वो सदाक़त है नहीं — Manohar Shimpi

सदाक़त सच्चाई की शुद्धता और ईमानदारी की गंभीरता को समाहित करता है। कविता में, यह अक्सर नैतिक अखंडता का प्रकाशस्तंभ होता है, जो धार्मिकता और विश्वास के मार्ग को प्रकाशित करता है।

कवि सदाक़त का उपयोग ईमानदारी और अखंडता के गुणों को उजागर करने के लिए करते हैं। यह अक्सर धोखे के विपरीत होता है, कथा में एक नैतिक दिशा-निर्देशक के रूप में कार्य करता है।

सदाक़त सत्य की स्थायी शक्ति का प्रमाण है, जो काव्य यात्रा में एक मार्गदर्शक प्रकाश है।