Meaning of

सदक़ा

sadqa • صدقہ

दान; भिक्षा; अर्पण

charity; alms; offering

خیرات; صدقہ; نذر

Arabic

गुलाब चाँदनी-रातों पे वार आए हम तुम्हारे होंटों का सदक़ा उतार आए हम — Azhar Iqbal
तुम को हमारी याद का सदक़ा नहीं रहा तब से हमारा हाल भी अच्छा नहीं रहा — Jitendra "jeet"
ख़ुदा महफ़ूज़ रक्खे हर बला से तेरी आँखों का सदक़ा दे रहा हूँ — Shamsul Hasan ShamS
मैं अपनी जान हथेली पे ले के आया हूँ किसी की जान का सदक़ा निकालना है मुझे — Shakir Dehlvi
अपनी जाँ की हिफाज़त भी ख़ुद करते हैं अब फ़क़ीरों को सदक़ा नहीं देते लोग — Amaan mirza
इश्क़ का है ज़कात और सदका ज़ुल्म हँस के सहो सनम के तुम — A R Sahil "Aleeg"
ज़ुल्म माशूक़ा के सहो हँस कर इश्क़ का सदक़ा और ज़कात है ये — A R Sahil "Aleeg"

'सदक़ा' मूल रूप से दान देने की क्रिया को दर्शाता है, जो निस्वार्थता और करुणा का प्रतीक है। कविता में, यह हृदय की पवित्रता और बलिदान की महानता का प्रतीक बन जाता है, जो केवल भौतिक दान से आगे बढ़कर आध्यात्मिक उदारता को दर्शाता है।

कवि अक्सर 'सदक़ा' का उपयोग निस्वार्थता और आध्यात्मिक पवित्रता के विषयों को उजागर करने के लिए करते हैं। यह अंतिम बलिदान या गहरी, बिना शर्त प्रेम का प्रतिनिधित्व कर सकता है। यह शब्द भौतिक संपत्ति के विपरीत, आत्मा की समृद्धि को उजागर करता है।

'सदक़ा' अपनी काव्यात्मक सार में, देने की क्रिया से परे जाकर, मानव आत्मा की पवित्रता और गहराई का रूपक बन जाता है।