Meaning of

सबक़

sabq • سبق

पाठ; नैतिक शिक्षा; उदाहरण

lesson; moral; example

سبق; اخلاقی سبق; مثال

Arabic

किस मुँह से करें उन के तग़ाफ़ुल की शिकायत ख़ुद हम को मोहब्बत का सबक़ याद नहीं है — Hafeez Banarasi
किताबें पढ़ रहे हो तुम मगर बस याद ये रखना सबक़ सब ज़िन्दगी के ज़िन्दगी में ज़िन्दगी देगी — Gaurav Singh
आता है काम कब ये सिखाया हुआ सबक़ सब सीख के भी हाथ पे छाले पड़े रहे — Subodh Sharma "Subh"
सिखा दिया है कई आँधियों को मैं ने सबक़ मैं इक चराग़ हूँ मेरा भी अपना रुतबा है — A R Sahil "Aleeg"
वो चाहे मजनूँ हो, फ़रहाद हो कि राँझा हो हर एक शख़्स मेरा हम सबक़ निकलता है — Munawwar Rana
ये इश्क़ ख़ुद में है अहमक़ाना तो आप अफ़हाम ढूँढ़ते हो नया सा शायद सबक़ है महशर-ख़िराम का गाम ढूँढ़ते हो — arjun chamoli
नहीं जाना कभी हम ने सबक़ क्या आशिक़ी देगी दिखा कर हिज़्र की रातें बसल के गीत गाती है — Jitendra "jeet"
हमारा था यही पहला सबक़ के हमें असरार खुलवाने नहीं हैं — Ankit Raj

'सबक़' का मूल अर्थ पाठ या शिक्षा है, जिसमें अक्सर नैतिकता का पुट होता है। कविता में यह अनुभवों से प्राप्त ज्ञान का प्रतीक बन जाता है, चाहे वे सुखद हों या दुखद।

कवि अक्सर 'सबक़' का प्रयोग जीवन की शिक्षाओं पर विचार करने के लिए करते हैं। यह प्रेम के खट्टे-मीठे पाठ, वास्तविकता की कठोर सच्चाइयाँ, या प्रकृति की कोमल बुद्धिमत्ता को दर्शा सकता है।

कविता में 'सबक़' जीवन द्वारा प्रस्तुत अनेक पाठों का दर्पण बन जाता है, प्रत्येक अपने रंग और गहराई के साथ।