Meaning of

सब्र-ओ-क़रार

sabr-o-qaraar • صبر و قرار

धैर्य और शांति; सहनशीलता और सुकून

patience and tranquility; endurance and peace

صبر اور قرار; برداشت اور سکون

Arabic

किसी पे करना नहीं ए'तिबार मेरी तरह लुटा के बैठोगे सब्र-ओ-क़रार मेरी तरह — Fareed Parbati
ऐ रब तू कहीं तो बस्ता मंदिर में है तो मस्जिद में भी ये माया है या जादू है कि तुझे भी सब्र-ओ-क़रार नहीं — Sanjay Bhat

'सब्र-ओ-क़रार' एक आंतरिक शक्ति और शांति का भाव उत्पन्न करता है। कविता में, यह अक्सर दिल की शांति और धैर्य का प्रतीक होता है, जो जीवन की कठिनाइयों के बीच संतुलन बनाए रखता है।

कवि 'सब्र-ओ-क़रार' का उपयोग प्रेमी की स्थिरता को दर्शाने के लिए करते हैं। यह जुनून की अराजकता के विपरीत होता है। अक्सर, यह भावनात्मक तूफानों के बाद की शांति को दर्शाता है।

कविता की दुनिया में, 'सब्र-ओ-क़रार' धैर्य में मिलने वाली शक्ति की कोमल याद दिलाता है।