Meaning of

समा

samaa • سما

सभा; जमावड़ा; संगीत सभा

gathering; assembly; musical gathering

محفل; اجتماع; موسیقی کی محفل

Arabic

परों को खोल ज़माना उड़ान देखता है ज़मीं पे बैठ के क्या आसमान देखता है — Shakeel Azmi
उस के चेहरे की चमक के सामने सादा लगा आसमाँ पे चाँद पूरा था मगर आधा लगा — Iftikhar Naseem
मेरे हुजरे में नहीं और कहीं पर रख दो आसमाँ लाए हो ले आओ ज़मीं पर रख दो — Rahat Indori
वाक़िफ़ कहाँ ज़माना हमारी उड़ान से वो और थे जो हार गए आसमान से — Faheem Jogapuri
तू शाहीं है परवाज़ है काम तेरा तेरे सामने आसमाँ और भी हैं — Allama Iqbal
यूँँ जो तकता है आसमान को तू कोई रहता है आसमान में क्या — Jaun Elia
अपने सामान को बाँधे हुए इस सोच में हूँ जो कहीं के नहीं रहते वो कहाँ जाते हैं — Jawwad Sheikh
आसमाँ इतनी बुलंदी पे जो इतराता है भूल जाता है ज़मीं से ही नज़र आता है — Waseem Barelvi
अपना रिश्ता ज़मीं से ही रक्खो कुछ नहीं आसमान में रक्खा — Jaun Elia

समा शब्द संगीत और आध्यात्मिक जुड़ाव से भरी सभा की छवियों को उकेरता है। यह एक ऐसा स्थान है जहां आत्माएं एकजुट होती हैं, धुन और ताल के माध्यम से सांसारिकता से परे जाती हैं। कविता में, यह सामंजस्य और सामूहिक मानव अनुभव का प्रतीक है।

कवि 'समा' का उपयोग सामूहिक अनुभवों की सुंदरता को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह अक्सर एकांत के विपरीत होता है, साझा क्षणों में मिलने वाली खुशी को उजागर करता है। यह शब्द स्वयं जीवन की लय के साथ गूंजता है।

समा एकता की धुन है, सामंजस्य में गुथी आत्माओं का काव्यात्मक नृत्य।