Meaning of

सर-ए-शाम

sar-e-shaam • سر شام

संध्या समय; शाम का समय

at dusk; evening time

شام کے وقت; شام کا وقت

Persian

फिर आज 'अदम' शाम से ग़मगीं है तबीअत फिर आज सर-ए-शाम मैं कुछ सोच रहा हूँ — Abdul Hamid Adam

'सर-ए-शाम' दिन से रात में परिवर्तन की शांतिपूर्ण फिर भी उदासीन भावना को पकड़ता है। यह मद्धम होती रोशनी और संध्या के आगमन की छवि को उभारता है, जो अक्सर चिंतन और आत्मनिरीक्षण से जुड़ा होता है।

कवि अक्सर 'सर-ए-शाम' का उपयोग एकांत और चिंतन के क्षणों को चित्रित करने के लिए करते हैं। यह प्रकृति और मानव भावनाओं में परिवर्तनों के लिए एक रूपक के रूप में कार्य करता है।

काव्यात्मक दुनिया में, 'सर-ए-शाम' एक कोमल विराम है, जो आत्मा को दिन की यात्रा पर विचार करने के लिए आमंत्रित करता है।