Meaning of

सिंगार

singaar • سنگار

श्रृंगार; सजावट

adornment; decoration

سنگھار; سجاوٹ

Sanskrit

जब से तू ने ये बोला था "बदन का क्या है मिट्टी है" तब से तेरी पीठ पे मुझ को हरसिंगार उगाने थे — Siddharth Saaz
सियासतों ना क़लंदरों के ना माल-ओ-ज़र या सिंगार आगे झुकेगा सर अपना सिर्फ़ रोज़ी या दीद-ए-परवर-दिगार आगे — Aarush Sarkaar
फ़स्ल-ए-बहार आई है होली के रूप में सोलह सिंगार लाई है होली के रूप में — Saghar Nizami
वो कहती ये सिंगार अधूरा है बिन तुम कर के शादी और निखरना चाहती है — Lalit Mohan Joshi
क्या करूँँ सिंगार अब मर गया है प्यार अब — Pranjul Baiswari

सिंगार सौंदर्यीकरण की कला को दर्शाता है, जो शारीरिक और रूपक दोनों है। यह प्राकृतिक सुंदरता के संवर्धन का सुझाव देता है, जो अक्सर अनुष्ठानों और उत्सवों से जुड़ा होता है। कविता में, यह कृपा और शान की छवियों को जागृत करता है।

कवि सिंगार का उपयोग सौंदर्य, परिवर्तन और उत्सव के विषयों का पता लगाने के लिए करते हैं। यह अक्सर प्रकृति और कृत्रिमता के बीच के नाजुक अंतःक्रिया का प्रतीक होता है, जो वैभव के क्षणों को पकड़ता है।

सिंगार सौंदर्य की कालातीत खोज और इसकी क्षणभंगुर प्रकृति को दर्शाता है।