Meaning of

सीम

seem • سیم

चाँदी; पवित्रता का प्रतीक; शालीनता

silver; metaphor for purity; elegance

چاندی; پاکیزگی کی علامت; نفاست

Persian

तड़पना हिज्र तक सीमित नहीं है उसे दुल्हन भी बनते देखना है — Anand Verma
जिन के मज़बूत इरादे बने पहचान उन की मंज़िलें आप ही हो जाती हैं आसान उन की — Aleena Itrat
रौशनी ऐसी अजब थी रंग-भूमी की 'नसीम' हो गए किरदार मुदग़म कृष्ण भी राधा लगा — Iftikhar Naseem
रोज़ वही बेकार इरादे बस इस सेे वादे उस सेे वादे बस — Prakamyan Gautam
मैं लौटने के इरादे से जा रहा हूँ मगर सफ़र सफ़र है मिरा इंतिज़ार मत करना — Sahil Sahri Nainitali
इरादे बाँधता हूँ सोचता हूँ तोड़ देता हूँ कहीं ऐसा न हो जाए कहीं ऐसा न हो जाए — Hafeez Jalandhari
इस दौर-ए-मुंसिफ़ी में ज़रूरी नहीं 'वसीम' जिस शख़्स की ख़ता हो उसी को सज़ा मिले — Waseem Barelvi
ये मत सोचो यार सफ़र बस मंज़िल तक ही सीमित है मैं ने उस के आगे भी राहों का जाना देखा है — Hasan Raqim

'सीम' का मूल अर्थ चाँदी है, जो अपनी चमक और मूल्य के लिए जानी जाती है। कविता में, यह अपने भौतिक रूप से परे जाकर पवित्रता और शालीनता का प्रतीक बन जाती है, अक्सर चाँदनी या प्रिय के आभूषणों की कोमल चमक का चित्रण करती है।

'सीम' का उपयोग कवि अक्सर चंद्रमा से तुलना करने या प्रिय की अलौकिक सुंदरता का वर्णन करने के लिए करते हैं। यह किसी कीमती लेकिन नाजुक चीज़ के विचार को व्यक्त करने के लिए भी इस्तेमाल किया जा सकता है, जो सुंदरता की क्षणभंगुर प्रकृति को पकड़ता है।

काव्यिक क्षेत्र में, 'सीम' सुंदरता की क्षणभंगुर कृपा का सार पकड़ता है। यह हमें मूल्य और नाजुकता के बीच के संतुलन की याद दिलाता है।