Meaning of

सीम

seem • سیم

चाँदी; पवित्रता का प्रतीक; शालीनता

silver; metaphor for purity; elegance

چاندی; پاکیزگی کی علامت; نفاست

Persian

बड़ा होकर जो छोटे लोगों की ताज़ीम करता है
ज़माना ऐसे ही इंसान को तसलीम करता है

चलो छोड़ो सियासत के पुराने ता'ने बाने को
यही वो फ़लसफ़ा है जो हमें तक़्सीम करता है

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घर की तक़्सीम में अँगनाई गँवा बैठे हैं
फूल गुलशन से शनासाई गँवा बैठे हैं

बात आँखों से समझ लेने का दावा मत कर
हम इसी शौक़ में बीनाई गँवा बैठे हैं

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मैं लौटने के इरादे से जा रहा हूँ मगर
सफ़र सफ़र है मिरा इंतिज़ार मत करना

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तड़पना हिज्र तक सीमित नहीं है
उसे दुल्हन भी बनते देखना है

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इरादे बाँधता हूँ सोचता हूँ तोड़ देता हूँ
कहीं ऐसा न हो जाए कहीं ऐसा न हो जाए

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जिन के मज़बूत इरादे बने पहचान उन की
मंज़िलें आप ही हो जाती हैं आसान उन की

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इस दौर-ए-मुंसिफ़ी में ज़रूरी नहीं 'वसीम'
जिस शख़्स की ख़ता हो उसी को सज़ा मिले

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रौशनी ऐसी अजब थी रंग-भूमी की 'नसीम'
हो गए किरदार मुदग़म कृष्ण भी राधा लगा

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ये मत सोचो यार सफ़र बस मंज़िल तक ही सीमित है
मैं ने उस के आगे भी राहों का जाना देखा है

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रोज़ वही बेकार इरादे बस
इस सेे वादे उस सेे वादे बस

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बड़ा होकर जो छोटे लोगों की ताज़ीम करता है
ज़माना ऐसे ही इंसान को तसलीम करता है

चलो छोड़ो सियासत के पुराने ता'ने बाने को
यही वो फ़लसफ़ा है जो हमें तक़्सीम करता है

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घर की तक़्सीम में अँगनाई गँवा बैठे हैं
फूल गुलशन से शनासाई गँवा बैठे हैं

बात आँखों से समझ लेने का दावा मत कर
हम इसी शौक़ में बीनाई गँवा बैठे हैं

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'सीम' का मूल अर्थ चाँदी है, जो अपनी चमक और मूल्य के लिए जानी जाती है। कविता में, यह अपने भौतिक रूप से परे जाकर पवित्रता और शालीनता का प्रतीक बन जाती है, अक्सर चाँदनी या प्रिय के आभूषणों की कोमल चमक का चित्रण करती है।

'सीम' का उपयोग कवि अक्सर चंद्रमा से तुलना करने या प्रिय की अलौकिक सुंदरता का वर्णन करने के लिए करते हैं। यह किसी कीमती लेकिन नाजुक चीज़ के विचार को व्यक्त करने के लिए भी इस्तेमाल किया जा सकता है, जो सुंदरता की क्षणभंगुर प्रकृति को पकड़ता है।

काव्यिक क्षेत्र में, 'सीम' सुंदरता की क्षणभंगुर कृपा का सार पकड़ता है। यह हमें मूल्य और नाजुकता के बीच के संतुलन की याद दिलाता है।