Meaning of

सुर्ख़ी

surkhi • سرخی

लालिमा; लज्जा; प्रमुखता

redness; blush; prominence

سرخی; شرم; نمایاں ہونا

Persian

तेरी आँखों की सुर्ख़ी कह रही है
बहुत रोया है मेरी याद में तू

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यक़ीं मत कीजिए अख़बार की हर बात पर यूँँ ही
बहुत मश्कूक होती हैं 'बशर' ये सुर्ख़ियाँ अक्सर

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तिरे होंटों की सुर्ख़ी देख कर तो ऐसा लगता है
चबाया हो किसी आशिक़ का दिल हिंदा मिज़ाजी से

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सुर्ख़ी की तलब ज़ेहन पे हो जाती है हावी
किरदार बदल देता है अख़बार का साया

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के सुर्खियाँ तिरे लब से इस तरह बरसती
लब पानी को नहीं, पानी लब को है तरसता

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पहन शाखों में बाइज़्जत हमारी आँख की सुर्ख़ी
तुम्हारी राह तकता है हमारी राह का सेमल

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तेरी आँखों की सुर्ख़ी कह रही है
बहुत रोया है मेरी याद में तू

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यक़ीं मत कीजिए अख़बार की हर बात पर यूँँ ही
बहुत मश्कूक होती हैं 'बशर' ये सुर्ख़ियाँ अक्सर

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'सुर्ख़ी' शब्द एक हल्की लाली या लाल रंग की जीवंत छवि को उभारता है। कविता में, यह अक्सर उन भावनाओं का प्रतीक होता है जो तीव्र होते हुए भी कोमल होती हैं, जैसे प्रेम या शर्म। यह उन क्षणों के सार को पकड़ता है जो क्षणिक और गहरे दोनों होते हैं।

कवि 'सुर्ख़ी' का उपयोग प्रेमी के चेहरे पर भावनाओं के नाजुक नृत्य, भोर की चमक, या एक भावुक क्षण की तीव्रता को चित्रित करने के लिए करते हैं। यह पीलेपन के विपरीत जीवन और जीवंतता का प्रतीक है।

कविता में, 'सुर्ख़ी' हृदय की सबसे जीवंत अभिव्यक्तियों के लिए एक कैनवास बन जाती है, जो जीवन के रंगों में डूबी हुई कूची से भावनाओं को चित्रित करती है।