Meaning of

सोगवार

sogwaar • سوگوار

शोकाकुल; दुःखी

mournful; grieving

سوگوار; غمگین

Persian

जो तेरे साथ रहते हुए सोगवार हो लानत हो ऐसे शख़्स पे और बेशुमार हो — Tehzeeb Hafi
मुझे पता है कि बर्बाद हो चुका हूँ मैं तू मेरा सोग मना मुझ को सोगवार न कर — Anjum Saleemi
रूह सारी सर-ख़ुशी से छोड़ती सारे बदन सोगवारी बेवजह सारी यहाँ घर घर चले — Saurabh Yadav Kaalikhh
ऐसा नहीं कि मुझ को कोई सोगवारी है देखो न अब भी इश्क़ तिरे बा'द जारी है — Rovej sheikh
क़त्ल करना था मिरा सो कर दिया है आपने अब मगर इस सोगवारी की वजह क्या है भला — Salma Malik
अजी बड़े ही हँस के निकले थे सवेरे घर से हम तेरी गली में आते आते सोगवार हो गए — Manish Nauhwar
रूह सारी सर-ख़ुशी से छोड़ती सारे बदन सोगवारी बेवजह सारी यहाँ घर घर चले — Saurabh Yadav Kaalikhh

सोगवार शब्द शोक और दुःख की गहराई को दर्शाता है। यह एक ऐसे दिल की तस्वीर खींचता है जो शोक में डूबा हुआ है, एक आत्मा जो हानि से प्रभावित है। कविता में, यह केवल उदासी के बारे में नहीं है, बल्कि उस गहरे अभाव और स्मरण की भावना के बारे में है जो इसके साथ होती है।

कवि 'सोगवार' का उपयोग शोकाकुल प्रेमी या समय के बीतने का शोक मनाने वाले दिल की छवि को उभारने के लिए करते हैं। यह एक माँ के मौन आँसुओं या चिंतन में डूबी आत्मा की शांत एकांतता को भी दर्शा सकता है। यह शब्द खुशी के विपरीत है, दुःख में पाई जाने वाली सुंदरता को उजागर करता है।

कविता के ताने-बाने में, 'सोगवार' एक उदासी की धागा है जो मानव अनुभव के माध्यम से बुनता है। यह हमें हमारे साझा दुःखों में सुंदरता की याद दिलाता है।