मुझे जिस सेे मुहब्बत है मुहब्बत है
करें क्या जिसको नफ़रत है मुहब्बत है
उसे किसकी ज़रूरत है बताऊँ मैं
उसे जिसकी ज़रूरत है मुहब्बत है
ख़ुदा तुझ सेे शिक़ायत क्यूँ करूँँ मैं अब
अगर मुझपे ही ग़ुर्बत है मुहब्बत है
जहाँ खतरा है जाने से वाँ जाने की
मुझी को तो नसीहत है मुहब्बत है
मुहब्बत करने की गर उस सितमगर से
किसी में दोस्त हिम्मत है मुहब्बत है
कोई दिक्कत नहीं है मुझको उस सेे दोस्त
अगर वो बे-मुरव्वत है मुहब्बत है
तू चल अब मौत आके बोली मुझ सेे कल
ग़मों से यानी रुख़्सत है मुहब्बत है
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