@ammar-iqbal
Ammar Iqbal shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Ammar Iqbal's shayari and don't forget to save your favorite ones.
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नज़र से तुम को मिले न कोई सुराग़ दिल का
झुका के गर्दन बुझा लिया है चराग़ दिल का
सुनूँ न कैसे करूँ न क्यूँकर मैं अपने दिल की
मेरे अलावा है कौन इस बद-दिमाग़ दिल का
रंग-ओ-रस की हवस और बस
मसअला दस्तरस और बस
यूँ बुनी हैं रगें जिस्म की
एक नस टस से मस और बस
इसी फ़कीर की गफ़लत से आगही ली है
मेरे चराग़ से सूरज ने रौशनी ली है
गली-गली में भटकता है शोर करता हुआ
हमारे इश्क़ ने सस्ती शराब पी ली है