Anwar Taban

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@anwar-taban

Anwar Taban shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Anwar Taban's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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Sher

शग़्ल था दश्त-नवर्दी का कभी ऐ 'ताबाँ' अब गुलिस्ताँ में भी जाते हुए डर लगता है — Anwar Taban
समझ से काम जो लेता हर एक बशर 'ताबाँ' न हाहा-कार ही मचते न घर जला करते — Anwar Taban
सितम भी मुझ पे वो करता रहा करम की तरह वो मेहरबाँ तो न था मेहरबान जैसा था — Anwar Taban
दिल है परेशाँ उन की ख़ातिर पल भर को आराम नहीं है — Anwar Taban
हरीम-ए-नाज़ के पर्दे में जो निहाँ था कभी उसी ने शोख़ अदाएँ दिखा के लूट लिया — Anwar Taban
आएगा वो दिन हमारी ज़िंदगी में भी ज़रूर जो अँधेरों को मिटा कर रौशनी दे जाएगा — Anwar Taban
जी तो ये चाहता है मर जाएँ ज़िंदगी अब तिरी रज़ा क्या है — Anwar Taban
ये यक़ीं है की मेरी उल्फ़त का होगा उन पर असर कभी न कभी — Anwar Taban
हँसते हँसते निकल पड़े आँसू रोते रोते कभी हँसी आई — Anwar Taban
किसी की बर्क़-ए-नज़र से न बिजलियों से जले कुछ इस तरह की हो ता'मीर आशियाने की — Anwar Taban
आज मग़्मूम क्यूँँ हो ऐ 'ताबाँ' कुछ तो बोलो कि माजरा क्या है — Anwar Taban
तू उस निगाह से पी वक़्त-ए-मय-कशी 'ताबाँ' की जिस निगाह पे क़ुर्बान पारसाई हो — Anwar Taban
शायद आ जाए कभी देखने वो रश्क-ए-मसीह मैं किसी और से इस वास्ते अच्छा न हुआ — Anwar Taban
तुम्हें दिल दे तो दे 'ताबाँ' ये डर है हमेशा को तुम्हारा हो न जाए — Anwar Taban
इस ख़ौफ़ में कि ख़ुद न भटक जाएँ राह में भटके हुओं को राह दिखाता नहीं कोई — Anwar Taban
कुछ समझ में मिरी नहीं आता दिल लगाने से फ़ाएदा क्या है — Anwar Taban
सुकून क़ल्ब को जिस से मिल जाए 'ताबाँ' ग़ज़ल कोई ऐसी सुना दीजिएगा — Anwar Taban
ख़ुशी की बात और है ग़मों की बात और तुम्हारी बात और है हमारी बात और — Anwar Taban

Ghazal