Meaning of

हयात

hayaat • حیات

जीवन; अस्तित्व

life; existence

زندگی; وجود

Arabic

'हसरत' की भी क़ुबूल हो मथुरा में हाज़िरी सुनते हैं आशिक़ों पे तुम्हारा करम है आज — Hasrat Mohani
दिल गया रौनक़-ए-हयात गई ग़म गया सारी काएनात गई — Jigar Moradabadi
ग़म-ए-हयात ने आवारा कर दिया वर्ना थी आरज़ू कि तिरे दर पे सुब्ह ओ शाम करें — Majrooh Sultanpuri
है आज ये गिला कि अकेला है 'शहरयार' तरसोगे कल हुजूम में तन्हाई के लिए — Shahryar
पैग़ाम-ए-हयात-ए-जावेदाँ था हर नग़्मा-ए-कृष्ण बाँसुरी का — Hasrat Mohani
बोसा लिया जो उस लब-ए-शीरीं का मर गए दी जान हम ने चश्मा-ए-आब-ए-हयात पर — Ameer Minai
जी उठूँ फिर कर अगर तू एक बोसा दे मुझे चूसना लब का तिरे है मुझ को जूँ आब-ए-हयात — Shaikh Zahuruddin Hatim
हयाती तुम गई हो तेज़ मुझ सेे ज़रा सा थम भी जाना चाहिए था — Manish Yadav

हयात एक गहन शब्द है जो अस्तित्व के सार को समेटे हुए है। यह जीवन की निरंतरता, उसकी खुशियों और दुखों, और अर्थ की अनंत खोज की बात करता है।

कविता में, हयात का उपयोग अक्सर मृत्यु और अमरता के विषयों का अन्वेषण करने के लिए किया जाता है। यह जीवन की क्षणभंगुर प्रकृति या अस्तित्व की स्थायी आत्मा को दर्शा सकता है।

हयात जीवन की क्षणभंगुरता और उसके शाश्वत सार के बीच के नाजुक संतुलन को पकड़ता है।