Meaning of

हर्ज़

harz • حرز

हानि; नुकसान; क्षति

harm; damage; loss

نقصان; ضرر; خسارہ

Arabic

मुझ को न दिल पसंद न वो बे-वफ़ा पसंद दोनों हैं ख़ुद-ग़रज़ मुझे दोनों हैं ना-पसंद — Bekhud Dehelvi
नफ़रत धोका बुग़्ज़ तअ'स्सुब झूट दिखावा ख़ुद-ग़रज़ी कैसे कैसे ज़हर भरे हैं इंसाँ की शिरयानों में — Hina Rizvi
ख़ुद-ग़रज़ दुनिया की तस्वीरों को आँखों में छुपाकर क्या कहें ज़िंदा है अब तक भी वफ़ा दिल में हमारे — arjun chamoli
कोई बेहतर मिला है अब उसे मुझ सेे नहीं है हर्ज़ कोई मुझ को खोने में — Manish Yadav
अब तो मौक़ा मुझे भी दिया जाए जी ये जहाँ जीत लाऊँ तो क्या हर्ज़ है — Krishnavat Ritesh
मरना जब मैं ने तन्हा है तो फिर, हर्ज़ ही क्या है तन्हा जीने में. — Prince
मैं ज़ीस्त में अपनी कभी ख़ुद ग़र्ज तो होता नहीं जो चाहिए दुनिया को मैं जो मर्द वो होता नहीं — Manoj Devdutt

'हर्ज़' शब्द हानि या क्षति की भावना को व्यक्त करता है, जो अक्सर भौतिक से परे होती है। कविता में, यह जीवन द्वारा दिए गए भावनात्मक और अस्तित्वगत घावों को पकड़ता है। यह मानव अस्तित्व के साथ आने वाले अनिवार्य दर्द को व्यक्त करता है।

कवि अक्सर 'हर्ज़' का उपयोग पीड़ा और सहनशीलता के विषयों में गहराई से जाने के लिए करते हैं। यह उपचार और पुनर्प्राप्ति के विपरीत है। यह शब्द जीवन की परीक्षाओं की मौन सहनशीलता को जागृत करता है।

कविता में, 'हर्ज़' मानव आत्मा की पीड़ा को सहने और पार करने की क्षमता का प्रमाण बन जाता है। यह कमजोरी में पाई जाने वाली मौन शक्ति को दर्शाता है।